SSLC Hin Qn Mar 2017 Model Answer Paper



SSLC Hindi Qn Mar. 2017 Model Answer Paper
1 से तीन तक के प्रश्न 'सबसे बड़ा शो मैन' के आधार पर
1. चार्ली की मासूमियत से प्रभावित था(सही प्रयोग 'थे' है)                                  1
2. दर्शक चार्ली की प्रस्तुति और मासूमियत से प्रभावित थे। इसलिए अंत में दर्शकों ने तालियाँ
   बजाकर माँ का स्वागत किया।                                                               2
3. चार्ली की माँ की डायरी                                                          4
    तारीखः........................
    आज मेरी जिंदगी में एक विचित्र घटना हुई। जब मैं स्टेज पर गाना गा रहा था तब मेरी आवाज़ फटकर फुसफुसाहट में बदल गई। पहले दर्शक लोग सोच रहे थे कि माइक खराब है। लेकिन जब उन्हें पता चला कि मैं गा नहीं पा रही हूँ वे म्याऊँ-म्याऊँ करने लगे, हल्ला मचाने लगे। हे भगवान! मैं बहुत डर गई थी। मेरे सामने कोई उपाय नहीं था। मैं ने स्टेज छोड़ दिया। मैनेजर ने मेरे बेटे को मज़बूर करके स्टेज पर भेजा। क्योंकि उन्होंने चार्ली को गीत गाते हुए, अभिनय करते हुए और किसी का नकल उतारते हुए देखा था। चार्ली गीत गाना शुरू किया। पहले उसका गाना आर्कस्ट्रा के साथ नहीं चल रहा था। लेकिन जल्दी ही ठीक हो गया। उसने गीत गाकर, अभिनय करके और नकल उतारकर दर्शकों को बहुत खुश किया। नकल उतारते समय मेरी फटी आवाज़ को भी उसने नहीं छोड़ा था। स्टेज पर पैसों की बौछार हुई। उस प्रकार मैं अपमान से बच गई। सभी लोग मेरे पास आकर बेटे की तारीफ करने लगे। आज का दिन मेरे लिए एक विशेष दिन था।
    4 से 6तक के उत्तर अपठित कवितांश के आधार पर
4. अगर पानी नहीं होता तो भूमंडल सूखा रहता                                         1
5.           होता नहीं अगर जो पानी                                                        2
             भूमंडल सूखा रह जाता
             जीवजंतु क्या प्राणिमात्र भी
             नहीं जन्म कोई ले पाता।
6. पानी के महत्व पर पोस्टर 4
मार्च 22 विश्व जल दिवस
जल है तो कल है  
जल जीवन का आधार है
जल का इस्तेमाल सावधानी से करें
जल का दुरुपयोग न करें
एक-एक बूँद बचाएँ
जल नहीं तो हम भी नहीं
पेड़ लगाएँ, प्रदूषण रोके, प्रकृति की रक्षा करें।
जल संरक्षण समिति, कैतप्रम
   7 से 9तक के प्रश्न 'बसंत मेरे गाँव का' के आधार पर
7. पशुचारकों की खुशी का कारण है- महीनों बाद घर लौटने का समय आया है।           1
8. ठंड के मौसम में बर्फीले इलाकों से पशुचारक निचले इलाकों में उतरते हैं। महीनों तक, फैले चरागाहों, घने जंगलों और अनजान बस्तियों में भटकने के बाद अपने घर लौटने की खुशी उत्सव का माहौल रच देती है। वे गीत गाते हैं, नाचते हैं। उनके साथ उनके भेड़-बकरियाँ, घोड़े-खच्चर और कुत्ते भी होते हैं। रास्ते में आनेवाले गाँवों से उनका लेन-देन भी होता रहता है। इन गाँवों से उनका सदियों का रिश्ता है।                                                                              2
9. पटकथा                                                                               4
दृश्य का वर्णनः
पात्रः दो पशुचारक, एक करीब 40 साल का, दूसरा करीब 45 साल का। दोनों धोती,
कुर्ता और पगड़ी पहने हैं।
एक गाँववाला, करीब 50 साल का, धोती और बनियान और पगड़ी पहना है।
स्थानः गाँव की एक सड़क के किनारे।
समयः शामको छह बजे।
संवादः
पशुचारक 1: नमस्ते भैया, क्या चाहिए आपको?
गाँववालाः मुझे कुछ जड़ी-बूटियाँ चाहिए।
पशुः बताइए क्या-क्या चाहिए? कीड़ाजड़ी, करण और चुरु हमारे पास हैं।
गाँवः मुझे थोड़ा सा कीड़ाजड़ी और चुरु चाहिए।
पशुः इतनी तो बाकी पड़ी है। यह तो 120 रुपए का है।
गाँवः मेरे पास सौ रुपए ही हैं।
पशुः कोई बात नहीं, अगले साल बाकी दीजिए।
गाँवः ठीक है। दीजिए। बाकी 20 रुपए अकले साल दे दूँगा।
     प्रश्न 10 और 11 'जैसलमेर' के आधार पर
10. लेखक – दुकानदारः वार्तालाप                                                  4
दुकानादारः आइए साहब। अन्दर आके देखिए न।
मिहिरः मैं तस्वीरें ले रहा था।
दुकाः ठीक है, अन्दर आके देखिए। हमारा भी फोटो ले लीजिए न।
मिहिरः भाई साहब, यह क्या लिखके रखा है पट्टी पर?
दुकाः क्या आपने लोनली प्लैनट के बारे में सुना है?
मिहिरः हाँ सुना है, पर्यटक गाइड़ है न।
दुकाः हाँ वही है। उसमें किसी ने इस जगह के बारे में कुछ खराब लिख दिया है। इसलिए विदेशी
पर्यटकों का यहाँ आना बहुत कम हो गया है।
मिहिरः ऐसी बात है? इसलिए आपके व्यापार में कमी हो गई है?
दुकाः ज़रूर साहब। उनका विरोध प्रकट करने के लिए हमने ऐसा लिख रखा है।
मिहिरः वाह! लोनली प्लैनट के प्रति गुस्सा दिखाने का आपका यह तरिका मुझे बहुत अच्छा लगा।
दुकाः और क्या करें? धन्यवाद जी।
मिहिरः धन्यवाद।
11. कई लोग मुझे बुलाने लगते                                                               1
12 से 14 तक के प्रश्न अकाल और उसके बाद के आधार पर
12. दीवारका समानार्थी शब्द है भीत                                                      1
13. अकाल की भूख और गरिबी के कारण चूहों की हालत भी बहुत शोचनीय थी            1
14. कविताँश पर आस्वादन टिप्पणी                                                        4
       ये पंक्तियाँ हिंदी के प्रसिद्ध कवि नागार्जुन की कविता अकाल और उसके बाद से ली गई हैं। इस कवितांश के द्वारा कवि यह बताना चाहते हैं कि अकाल का प्रभाव मनुष्यों पर ही नहीं छोटे-छोटे जीव-जंतुओं पर भी कितना होता है।
        कवि इस कविता के द्वारा यह व्यक्त करना चाहते हैं कि अकाल के कारण घर के मानवों के साथ उस घर में रहनेवाले विभिन्न जीव-जंतुओं पर भी पड़ता है। यदि घर का चूल्हा जलता है और खाना पकाया जाता है तो उसका एक छोटा-सा अंश उस घर में रहनेवाले विभिन्न प्रकार के (छोटे-से-छोटे से लेकर बड़े तक) जीव-जंतुओं को मिलता है। घर में खाना न पकाने के कारण चूल्हा रोने लगा और चक्की उदास रहने लगी। उसके पास ही कानी कुतिया उदास सोता है। खाने की तलाश में छिपकलियाँ दीवार पर इधर-उधर चलने लगी। चूहों की भी हालत भिन्न नहीं है।
       परिवारों की गरीबी और आर्थिक कठिनाई का असर उस परिवार या घर के सभी पर पड़ता है। अकाल की पीड़ित घर की शोचनीय दशा का मार्मिक वर्णन करनेवाला यह कवितांश बिलकुल अच्छा और प्रासंगिक है।
15. सही मिलान                                                                            3
     और वैसे भी मैं तो पराई अमानत हूँ  - गुठली तो पराई है
     दुनिया सच में बहुत छोटी है दोस्तो  - जैसलमेर
     ड्राइवर ने खच्च से ब्रेक लगाया      - ऊँट बनाम रेलगाड़ी
(प्रश्न-पत्र में 'दोस्तों' दिया है, वह गलत है। क्योंकि संबोधन में बिंदी नहीं लगाई जाती।)
16. बेला के सिर पर पट्टी बाँधी थी                                                        1
17. कबूतर नीम के पेड़ की छाया मेंघायल पड़ा था।                                      1
18. अपने मित्र के नाम रानी का पत्र                                               4
                                                                            स्थानः ...............
                                                                           तारीखः ...............
प्रिय गीता,
      तुम कैसी हो? तुम्हारी पढ़ाई कैसी चल रही है? घर में सब कैसे हैं? मैं यहाँ ठीक हूँ।
      मैं इस पत्र के द्वारा एक घटना का वर्णन करना चाहती हूँ। आज दोपहर को तेज़ धूप में मैं पानी लेने बाहर निकली थी। सहसा नीम के पेड़ की डाली में एक कबूतर को घायल पड़ा देखा। शायद गरम हवा के कारण घायल होकर गिरा था। मैंने कबूतर को उठाकर पानी दिया और उसका उपचार किया। थोड़ी देर बाद वह आराम से उड़ गया।
     तुम्हारे माँ-बाप को मेरा प्रणाम। शेष बातें अगले पत्र में।
                                                                              तुम्हारी सहेली,
                                                                                  रानी।
सेवा में
      पी. गीता,
      गीता निवास,
      ...................
      ...................
(उपचा करनाः പരിചരിക്കുക)
(इस पत्र में शायद गरम हवा के कारण कबूतर घायल होकर गिरा था अनुचित लगता है। बेहोश होकर गिरा था ज़्यादा उचित लगता है।) (बेहोश होनाः ബോധരഹിതനാവുക)
                                                         तैयारीः रवि. एम., सरकारी हायर सेकंडरी स्कूल, कडन्नप्पल्लि, कण्णूर।



SSLC Model Hin Exam Feb 2017 Ans


SSLC Model Hin Exam Feb. 2017 – Ans.
1. साहिल के सामने बेला लज्जित होना नहीं चाहती।                  1
2. साहिल की नज़र में बेला बहुत अच्छी लड़की थी। इसलिए साहिल 2
के सामने माटसाब से दंड पाना बेला की दृष्टि में शरम की बात होती थी।
  (दंड – सजा, punishment)
3. बेला की डायरी                                                        4
    तारीखः.................
    आज सुरेंदर जी के पीरियड मैं बहुत डर गई। माटसाब कॉपी की जाँच
कर रहे थे। वे आज बिना कारण से मुझसे क्रुद्ध हुए। उन्होंने मेरी बालों में
पंजा फँसाया। हे भगवान! मैं बहुत डर गई। मैं डर के मारे काँप रही थी।
मुझे छोड़ने पर भी मेरी टाँगें काँप रही थीं। मैं बहुत लज्जित थी क्योंकि
साहिल के सामने सजा पाना मेरे लिए ज़रा भी पसंद नहीं। साहिल के पास
बैठने पर मैं उससे नज़र नहीं मिला पाई क्योंकि मैं जानती हूँ कि वह मुझे
बहुत अच्छी लड़की मानता है। आज का दिन एक अच्छा दिन नहीं था।
4. नदी चुपचाप बह रही है।                                             1
5. चुपचाप बह रही है वह पतली-सी नदी
    जिसका कोई नाम नहीं
6. नदियाँ जीवनदायिनी है - पोस्टर                                   4
        नदियाँ - प्राणदायिनी है
                         जीवन दायिनी है
               नदियों की रक्षा करें
               प्रकृति की रक्षा करें
        नदियाँ पशु-पक्षी, मानव, पेड़-पौधे
             सभी का प्यास बुझाती है
        नदी हमारी संस्कृति का प्रतीक है
             नदी संरक्षण समिति, कण्णूर
7. उसकी - वह+ की                                               1
8. गाँव के कुओं में से एक निम्न जाति के लोगों के लिए है।       2
उसका पानी गंदा हो गया है। लेकिन ठाकुर के या साहू के कुएँ से
निम्न जाति के लोगों को पानी लेने की अनुमति नहीं। गंगी का
विद्रोही मन उसके विरुद्ध आवाज़ उठा रहा है।
9. पटकथा                                                            4
दृश्यः 
पात्रः जोखू - लुंगी और बनियान पहनी है, 45 साल
गंगी - साड़ी पहनी है, करीब 38 साल की औरत
स्थानः गंगी का घर। कच्चा घर। एक टूटी-फूटी चारपाई पर
जोखू बैठ रहा है।
समयः शामको 5 बजे।
संवादः
जोखूः गंगी.. गंगी..
गंगीः क्या हुआ?
जोखूः यह क्या है? कहाँ से लाई हो यह गंदा पानी?
गंगीः कुएँ से, जहाँ से रोज़ लाती हूँ।
जोखूः बदबू आ रहा है। पिया नहीं जाता।
गंगीः पता नहीं। देख लूँ। (गंगी पानी की जाँच करती है) हाँ सही है,
नहीं यह मत पीजिए। मैं अच्छा पानी लाती हूँ।
जोखूः फिर कहाँ से पानी मिलेगा, ठाकुर के कुएँ से या साहू के?
गंगीः क्या एक लोटा पानी भरने नहीं देंगे?
जोखूः सावधान! हाथ-पाँव तुड़वा आएगी। (सावधानः സൂക്ഷിക്കുക)
10. सत्यजीत राय – स्टोकर बाबूः वार्तालाप                     4
सत्यजीत रायः अजी! स्टोकर बाबू।
स्टोकर बाबूः क्या हुआ जी?
सत्यजीत रायः धुआँ कहाँ है शूटिंग के समय बड़ी मात्रा में धुआँ
उड़ना था न?
स्टोकर बाबूः माफ कीजिए जी। मेरा ध्यान तो शूटिंग पर पड़ा,
कोयला डालना भूल गया।
सत्यजीत रायः क्या करें? फिर से शोट लेना पड़ेगा। बड़ा
नुकसान हो गया।
स्टोकर बाबूः इस बार गलती नहीं होगी, मैं सावधान रहूँगा।
सत्यजीत रायः और एक बार गाड़ी को पीछे ले जाना पड़ेगा।
स्टोकर बाबूः इस बार कुछ भी गड़बड़ी नहीं होगी।
सत्यजीत रायः मैं एक आदमी को आपके साथ बिठाता हूँ,
इस बार न भूलें।
स्टोकर बाबूः उसकी ज़रूरत नहीं पड़ेगी जी।
सत्यजीत रायः ठीक है, लेकिन एक आदमी आपकी सहायता करेगा।
11. धुआँकहाँ से निकलती?                                      1
12. झूठ – असत्य                                                1
13. महारथी का विशेषण - बड़े-बड़े                            1
14. टूटा पहिया - आस्वादन टिप्पणी                            4
टूटा पहिया हिंदी के प्रसिद्ध कवि धर्मवीर भारती की एक
प्रसिद्ध कविता है। इस कविता के द्वारा कवि लघु मानव की प्रधानता
पर बल देते हैं।
कवि महाभारत के एक पौराणिक प्रसंग का सहारा लेते हैं।
चक्रव्यूह को भेदकर उसमें प्रवेश किया अभिमन्यु उसमें फँस
जाता है। कौरव पक्ष के सभी महायोद्धा एकसाथ मिलकर
अभिमन्यु पर आक्रमण करते हैं। उसके घोड़े, रथ, हथियार-
सब नष्ट कर देते हैं। तब उसे रथ का एक टूटा पहिया ही एकमात्र
सहारा बन जाता है। इस टूटे पहिए की सहायता से वह उन महारथियों
से थोड़ी देर के लिए अपनी रक्षा करता है और अंत में मारा जाता है।
यहाँ एक सारहीन या तुच्छ टूटा पहिया ही वीर योद्धा
अभिमन्यु के लिए सहायक बनता है। इसी प्रकार समाज के तुच्छ
माने जानेवाले मानव भी क्रांति (विप्लव) के वाहक बन सकते हैं
और सामाजिक परिवर्तन संभव करा सकते हैं। अतः हमें यह मानना
चाहिए कि समाज के तुच्छ माने जानेवाली बातें भी कभी--कभी
बड़ी सहायक हो सकती हैं।
वर्तमान समाज में भी तुच्छ माने जानेवाले मानव का
महत्वपूर्ण स्थान है। सच्चे प्रजातंत्र में कोई भी व्यक्ति तुच्छ
नहीं होता। शासन का निर्णय भी उसके हाथों से हो सकता
है। याने यह कविता बिलकुल अच्छी और प्रासंगिक है।
(फँसना - കുടുങ്ങുക)
15. सहि मिलान                                               3
बारिशों से पहले की वबारिश का दिन – बीबहूटी
पहले मैं ये पैसे बटोरूँगा - सबसे बड़ा शो मैन
गरीबों का दर्द कौन समझता है - ठाकुर का कुआँ
16. हमने शूटिंग का सारा इंतज़ाम किया था।                1
17. यह घटना दिल्ली में हुई थी।                              1
18. मामाजी के नाम बालिका का पत्र                        4
                                                        दिल्ली,
                                                तारीखः............
पूज्य मामाजी,
     आप कैसे हैं? मामी जी और सन्तोष कैसे हैं? मैं
यहाँ ठीक हूँ। घर में सब अच्छे हैं।
     मैं इस पत्र के द्वारा एक घटना का वर्णन करना चाहती
हूँ। मुझे आज गाँधीजी से मिलने का सौभाग्य मिला। यह
संध्या प्रार्थना के बाद हुआ था। मैंने उनको पाँच रुपए दिए
और उनसे हस्ताक्षर माँगा। उन्होंने हस्ताक्षर किया। कुछ
और लिखने की प्रार्थना करने पर उन्होंने पूछा कि पिताजी
क्या करते हैं। मैंने उत्तर दिया कि पिताजी तंबाकू की दुकान
चलाते हैं। उन्होंने तुरंत लिख दिया कि तंबाकू पीना बुरा है।
मैंने यह बात माँ-बाप से भी कही थी।
    अगली छुट्टी के दिनों में मिलेंगे। शेष बातें अगले पत्र में।
                                          आपकी भानजी,
                                               आशा।
सेवा में
     श्री. के. गंगाधर,
     देवनगर, कण्णूर।
            रवि, सरकारी हायर सेकंडरी स्कूल, कडन्नप्पल्लि, कण्णूर।

SSLC Model Hin Exam Feb 2017 - Qn Analysis


SSLC Model Exam Hin Feb 2017 – Qn Analysis
1. ചോദ്യം11 धुआँ പുല്ലിംഗ പദവും हवा സ്ത്രീലിംഗ പദവും ആണെന്ന് അറിയാവുന്ന കുട്ടികള്‍ക്ക് മാത്രമേ ശരിയായ ഉത്തരം എഴുതാന്‍ സാധിക്കൂ.
2. ചോദ്യം 2കുട്ടികള്‍ക്ക് ആശയക്കുഴപ്പമുണ്ടാക്കുന്നതായി. വേറെ ചോദ്യം കൊടുക്കാമായിരുന്നു.
3. ഇത്തരത്തില്‍ പാഠപുസ്തകത്തിലെ ഒരുഭാഗത്തെമാത്രം ആസ്പദമാക്കി മറ്റ് ഭാഗങ്ങളെ പൂര്‍ണ്ണമായും ഒഴിവാക്കി എസ്.എസ്.എല്‍.സി. മോഡല്‍ പരീക്ഷാചോദ്യം തയ്യാറാക്കപ്പെടുന്നത് ഇത് ചരിത്രത്തിലാദ്യമായിരിക്കാം. കാരണം 4, 5 യൂനിറ്റുകളെ സ്പര്‍ശിക്കുന്നേയില്ല. ആയൂനിറ്റുകള്‍ക്കായി വേറെ പരീക്ഷയുണ്ടോയെന്ന് സംശയിച്ചുപോയി. പ്രധാനമായ गुठली तो पराई है, बच्चे काम पर जा रहे हैं, जैसलमेर, बसंत मेरे गाँव का എന്നീ പാഠങ്ങളെ പൂര്‍ണ്ണമായും ഒഴിവാക്കിയത് അധ്യാപകരെയും കുട്ടികളെയും വല്ലാതെ അമ്പരപ്പിച്ചിരിക്കുകയാണ്.
4. ചോദ്യത്തിന്റെ പ്രിന്റിംഗ് തീരെ വ്യക്തതയില്ലാത്തതായിപ്പോയി. വെളിച്ചക്കുറവുള്ള ക്ലാസ്സ് റൂമുകളില്‍ ഇത് വായിച്ചുമനസ്സിലാക്കാന്‍ കുട്ടികള്‍ നന്നേ പ്രയാസപ്പെട്ടിരിക്കും. ഫോണ്ട് വലിപ്പം അല്‍പം വര്‍ദ്ധിപ്പിക്കാമായിരുന്നു. അങ്ങനെ ചെയ്തിരുന്നാല്‍ ഈ പ്രശ്നം ഒരു പരിധിവരെ പരിഹരിക്കപ്പെടുമായിരുന്നു.
രവി.

Mukulam Hindi Model Exam Ans Paper Feb 2017


     Kannur Dist. Panchayath- Mukulam
            SSLC Model Exam-Feb.2017
                       Hindi- Answer
1. हृदय
2. मैज़मीन बेचना नहीं चाहता ।
3. यह एक किसान का बयान है। एक किसान के लिए ज़मीन अपने हृदय के समान है।
उसके लिए ज़मीन बेचने का मतलब है अपना हृदय ही बेचना। (बयान – प्रस्ताव)
4. पटकथा - बीरबहूटी
सीन 1
स्थान - स्कूल 
समय - सबेरे दस बजे । 
( करीब 10 साल के उम्रवाले बच्चे बेला और साहिल स्कूल के बरामदे में खड़े हैं । दोनों के हाथ में रिपोर्ट कार्ड हैं । ) 
बेला : साहिल अब तुम कहाँ पढ़ोगे ?
साहिल : (उत्तर नहीं देता है । उल्टे पूछता है ।) तुम कहाँ पढ़ोगी बेला ? 
बेला : राजकीय कन्या पाठशाला में । और तुम ? 
साहिल : मुझे अगले साल अजमेर भेज देंगे ।
बेला : क्यों साहिल ? 
साहिल : पता नहीं । 
(दोनों एक दूसरे का रिपोर्ट कार्ड देखते हैं । दोनों की आँखें भर जाती हैं।)
5. बेला और साहिल एक ही क्लास में पढ़नेवाले भोले-भाले बच्चे हैं। वे एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं। बिछुड़न के समय दोनों की आँखें भर जाती हैं। प्यार और दोस्ती का आच्छा नमूना इन निरीह बच्चों में हम देख सकते हैं। 
6. () पाँचवीं के लड़के आ गये। 
   () पाँचवीं की लड़की आ गयी । 
7. परंपरागत रूप से एक आदमी के नाम, उम्र, पता, ओहदा, जाति आदि के बारे में पता है ते हम उसे जानने हैं । लेकिन 'हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था'कविता के अनुसार यदि हम किसी व्यक्ति को उसकी हताशा, निराशा, असहायता या उसके संकट से नहीं जानते तो हम कुछ नहीं जानते। 
8. फेलू : हमारी गाड़ी खराब हो गयी ।
ऊँटवाला : आप को कहाँ जाना है ? 
फेलू : रामदेवरा स्टेशन तक ।
ऊँटवाला : घबराइए मत । आप ऊँट पर वहाँ जा सकते हैं ।
फेलू : स्टेशन तक कितने मील दूर होंगे ? 
ऊँटवाला :लगभग आठ मील । हम क्या करें ? 
फेलू : आप ऊँट को लेकर आइए ।
ऊँटवाला : जी, अभी लेकर आता हूँ ।
फेलू : देखो, ऊँट को थोड़ा सज-धजाकर लाना है ।
ऊँटवाला : जी, आप की इच्छा । 
9. वे + को = उनको । 
10. तारीख...... , 
     दिन.....
      आज कैसा दिन था ! सोचना भी कठिन है। आवाज़ की खराबी के कारण मुझे स्टेज से हटना पड़ा । लोगों के कोलाहल से मैं बिलकुल डर गयी । लेकिन मेरा बेटा चार्ली ने सब कुछ संभाल लिया । पाँच वर्ष के मेरे बेटे ने स्टेज पर जाकर करामत दिखाई । लोगों को बड़ा मज़ा आया । उन्होंने छोटे चार्ली की तारीफ़ की । यह मेरा आखिरी शो था ।
11.          जाति-प्रथा समाज का अभिशाप
         मनुष्य जाति से नहीं, कर्मों से महान होता है ।
    “अस्पृश्यता ईश्वर और मानवता के प्रति आपराध है।"
               एक जाति.. एक धर्म.. एक ईश्वर..
12. फुलदेई उत्तराखंड़ के बच्चों का सबसे बड़ा त्यौहार है। बच्चे देर शाम तक फूल चुनने के बाद उसे रिंगाल की टोकरियों में रखते हैं। सुबह होते ही बच्चों की टोलियाँ गाँव के विभिन्न घर जाकर देहरियों पर फूलों से सजाते हैं। घरवाले उनको दक्षिणा के रूप में चावल, गुड़, दाल आदि देते हैं। इन सीमग्रियों से सामूहिक भोजन बनाया जाता है ।
13. त्यौहार
14. बालश्रम।
15. बचपन में खेलने और पढ़ने की सुविधाएँ मिलनी चाहिए। क्योंकि आज के बच्चे कल के नागरिक हैं। बचपन में ही उनका शारीरिक और मानसिक विकास होता है ।
16. आधुनिक हिंदी कविता के क्षेत्र में राजेश जोशी का प्रमुख स्थान है। "बच्चे काम पर जा रहे हैं" उनकी छोटी एवं सशक्त कविता है । प्रस्तुत कविता में कवि बालश्रम के विरुद्ध आवाज़ उठाते हैं ।
हम जानते हैं कि आज के बच्चे कल के नागरिक हैं । इसलिए उनको बचपन में ही शारीरिक और मानसिक विकास का अवसर मिलना चाहिए । लेकिन आज के बच्चे बचपन की सुख-सुविधाओं से वंचित हैं। उन्हें पढ़ने और खेलने का अवसर नहीं मिलता। दुख की बात है कि छोटी उम्र में ही बच्चों को काम पर जाना पड़ता है । छोटे बच्चों को काम पर भेजना स्वस्थ समाज के लिए शोभा नहीं देतबालश्रम की भयानक समस्या पर पाठकों का ध्यान आकर्षित करनेवाली यह कविता बिलकुल समकालीन और प्रासंगिक है ।  
17.() लड़के रोने लगे ।
() मुझे पानी पीना पड़ता है ।
                                                               रतीशन पी पी
                                                         GHSS Koyyam.