मुहावरे और लोकोक्तियाँ

                            तैयारी : जयदीप.के, वटकरा


मुहावरा- कोई भी ऐसा वाक्यांश जो अपने साधारण अर्थ को छोड़कर किसी विशेष अर्थ को व्यक्त करे उसे मुहावरा कहते हैं।
लोकोक्ति- लोकोक्तियाँ लोक-अनुभव से बनती हैं। किसी समाज ने जो कुछ अपने लंबे अनुभव से सीखा है उसे एक वाक्य में बाँध दिया है। ऐसे वाक्यों को ही लोकोक्ति कहते हैं। इसे कहावत, जनश्रुति आदि भी कहते हैं।
मुहावरा और लोकोक्ति में अंतर- मुहावरा वाक्यांश है और इसका स्वतंत्र रूप से प्रयोग नहीं किया जा सकता। लोकोक्ति संपूर्ण वाक्य है और इसका प्रयोग स्वतंत्र रूप से किया जा सकता है। जैसे-‘होश उड़ जाना’ मुहावरा है। ‘बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी’ लोकोक्ति है।

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लोकोक्ति और मुहावरे में अन्तर
मुहावरे की तरह लोकोक्ति भी लोक से उत्पन्न लोक की सम्पत्ति है। लोकोक्ति और मुहावरे में सबसे बड़ा अन्तर यह है -
  • मुहावरे वाक्यांश हैं, तो कहावतें (लोकोक्ति) सम्पूर्ण वाक्य।
  • मुहावरों का प्रयोग स्वतन्त्र रूप से नहीं किया जा सकता। इसके विपरीत कहावतों का प्रयोग स्वतन्त्र रूप में होता है।
  • मुहावरे  का  प्रयोग  भाषा  को  बल  देने  के  लिए  होता  है,  तो  कहावतों  का  प्रयोग  किसी घटना विशेष पर किया जाता है।
  • मुहावरे के प्रयोग के फलस्वरूप भाषा समृद्ध होती है, तो कहावतों के प्रयोग से फल प्राप्त होने की आशा की जाती है।  
        मुहावरे और लोकोक्ति में कोई साम्य है तो इतना कि दोनों की उत्पत्ति लोक से होती है। दोनों हमारी लोक-संस्कृति के परिचायक हैं। दोनों का प्रयोग भाषा में सजीवता और सरसता लाने के लिए होता है। दोनों के अर्थ सामान्य से भिन्न आैर लाक्षणिक होते हैं।

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